घन कोण क्या है, इसकी परिभाषा तथा सूत्र एवम् संकेत
घन कोण
(SOLID ANGLE)
यह एक व्युत्पन्न राशि है।
घन कोण की परिभाषा-
" किसी पृष्ठ द्वारा किसी बिंदु पर निर्मित कोण को घन कोण कहते हैं।"
अथवा
"किसी गोलीय पृष्ठ के क्षेत्रफल द्वारा गोले के केंद्र पर अंतरित कोण को घन कोण कहते हैं।"
घन कोण का प्रतीक/संकेत -
इसे संकेत ω (ओमेगा) द्वारा प्रदर्शित करते हैं।
घन कोण का मात्रक
घन कोण एक विमाविहीन व्युत्पन्न राशि है परंतु इसका मात्रक होता है,
इसके मात्रक को स्टेरेडियन (Sr) कहते हैं।
घन कोण का सूत्र-
माना " r " त्रिज्या का एक गोला है जिसका केंद्र बिंदु O है, r त्रिज्या के गोले के पृष्ठ क्षेत्रफल ΔA द्वारा गोले के केंद्र O पर बनाया गया घन कोण
ω = क्षेत्रफल ΔA / r²
किसी बिंदु पर बन सकने वाला अधिकतम घन कोण कितना होता है?
इस प्रश्न का उत्तर जानने के लिए घन कोण के सूत्र का प्रयोग करना होगा;ω = क्षेत्रफल ΔA / r²
चूंकि किसी बंद गोले के पूरे पृष्ठ का क्षेत्रफल 4πr² होता है अतः गोले के संपूर्ण पृष्ठ द्वारा उसके केंद्र पर बनने वाला घन कोण
ω = A/r² = 4πr² / r² = 4π स्टेरेडियन
इस प्रकर किसी बिंदु पर बन सकने वाले घन कोण का अधिकतम मान 4π स्टेरेडियन होता है।
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