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अनुमेय त्रुटि क्या है? इसकी परिभाषा व सूत्र

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अनुमेय त्रुटि की परिभाषा अनुमेय त्रुटि किसे कहते हैं? अनुमेय त्रुटि की परिभाषा प्रत्येक प्रयोग में  प्रयुक्त किये गये  मापक यंत्रों के अल्पतमांकों के  निश्चित मानों के कारण  उन यंत्रों द्वारा ली गयी मापों में  आयी सापेक्ष त्रुटियों के कारण,  गणना करने पर प्रयोग के फल में  जो सापेक्ष त्रुटि आ जाती है,  उसे अनुमेय त्रुटि कहते हैं।   अन्य त्रुटियों के समान, इसका भी अधिकतम मान ही ज्ञात किया जाता है। यदि किसी प्रयोग में, Y = AˣBʸ/Cᶻ तो Y में अनुमेय त्रुटि ΔY/Y = {xΔA/A + yΔB/B - zΔC/C} (यह समीकरण कैसे आया? जानने के लिए सबसे नीचे देखिए...)   तथा Y  में अधिकतम अनुमेय त्रुटि , ΔY/Y = { xΔA/A + yΔB/B + zΔC/C } (यहां केवल माइनस की जगह प्लस (+) लगा देते हैं)   Y में अधिकतम अनुमेय त्रुटि, प्रतिशत में =     ΔY/Y × 100% =  { xΔA/A + yΔB/B + zΔC/C } × 100% विशेष - यदि   Y = AˣBʸ/Cᶻ Y = AˣBʸC⁻ᶻ दोनों ओर का log लेने पर , logy = xlogA + ylogB - zlogC इस समीकरण का आंशिक अ...

केल्विन क्या है, किसका मात्रक है, इसकी परिभाषा एवं संकेत [Kelvin]

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केल्विन की परिभाषा और संकेत केल्विन क्या है? केल्विन मूल मात्रक होता है।  यह ताप का S.I. मात्रक होता है, अर्थात किसी भी वस्तु का तापक्रम एस आई पद्धति में प्रदर्शित करने के लिए केल्विन शब्द का उपयोग किया जाता है। केल्विन का प्रतीक 'K' होता है। केल्विन किसका मात्रक     है? यह S.I. पद्धति में ताप का मात्रक होता है। केल्विन की मानक परिभाषा- कहीं-कहीं साक्षात्कार(इंटरव्यू) में केल्विन की मानक परिभाषा पूछ ली जाती है जिसमें सफल होने के लिए आपको मानक परिभाषा का पता होना आवश्यक है। केल्विन की मानक परिभाषा-    "एक केल्विन   जल के त्रिक बिंदु के  उष्मागतिक ताप का  1/273.16 वां भाग   होता है।"     अथवा "एक वायुमंडलीय दाब पर  उबलते जल के ताप  तथा  गलती बर्फ के ताप  के अंतर का 100 वां भाग  एक केल्विन के बराबर होता है।" नोट- जल का त्रिक बिंदु 273.16 केल्विन है।

चर, अचर तथा नियातांक [Variable and Constant]

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विमीय नियतांक चर, अचर तथा नियतांक विमीय चर विमीय चर वे भौतिक राशियां हैं जिनकी विमाएं होती हैं तथा परिमाण नियत नहीं होता है। विमीय चर के उदाहरण क्षेत्रफल आयतन त्वरण बल आदि। विमाहीन चर विमाहीन चर वे भौतिक राशियां हैं जिनकी विमाएँ नहीं होती तथा परिमाण भी नियत नहीं होता है। विमाहीन चर के उदाहरण कोण, विकृति, आपेक्षिक घनत्व, लेंस की क्षमता, त्रिकोणमिति फलन,  लघुगणक फलन, चरघातांकीय फलन आदि। विमीय नियतांक विमीय नियतांक वे भौतिक राशियां हैं जिनकी विमाएं होती हैं तथा मान नियत रहता है। विमीय नियतांक के उदाहरण गुरुत्वाकर्षण नियतांक G गैस नियतांक R प्लांक नियतांक h आदि। विमाहीन नियतांक वे नियत राशियां हैं  जिनकी विमा नहीं होती है। विमाहीन नियतांक के उदाहरण  शुद्ध अंक 1, 2, 3, 4, 5,...., π,e आदि।

एम्पियर क्या है, इसकी परिभाषा, मानक परिभाषा, प्रतीक एवम् सूत्र

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एम्पियर की परिभाषा एम्पीयर   एम्पियर विद्युत धारा का मात्रक होता है। एम्पियर की परिभाषा   "1 एम्पियर  उस विद्युत धारा के बराबर होती है जो किसी चालक के परिच्छेद में  प्रति सेकेंड 1 कूलॉम आवेश  प्रवाहित करने पर उत्पन्न होती है" चूंकि हम जानते हैं कि  1 कूलॉम आवेश में  इलेक्ट्रॉनों की संख्या 6.25 × 10 ¹⁸  होती है। अतः इस आधार पर एंपियर की परिभाषा कुछ इस प्रकार होगी -   "1 एंपियर धारा  उस विद्युत धारा के बराबर होती है जो किसी चालक के परिच्छेद से 6.25 × 10 ¹⁸   इलेक्ट्रॉन प्रति सेकेंड गुजरने पर उत्पन्न होती है" इसके अलावा परीक्षा में एंपियर की मानक परिभाषा भी पूछ ली जाती है जिसको याद रखना और समझना अति आवश्यक है एंपियर की मानक परिभाषा एंपियर की मानक परिभाषा विद्युत चुंबकीय बल के आधार पर निम्नवत दी जाती है-   "1 एंपियर  वह विद्युत धारा होती है जिसे निर्वात में परस्पर 1 मीटर की दूरी पर स्थित दो समांतर चालकों में प्रवाहित करने पर चालकों की प्रति मीटर लंबाई पर 2 × 10 ⎻⁷ न्यूटन का प्रतिकर्ष...

ल्यूमेन क्या है, किसे कहते हैं, इसकी परिभाषा, सूत्र एवम् प्रतीक की सम्पूर्ण जानकारी

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ल्यूमेन   ल्यूमेन   (लुमेन) यह  ज्योति फ्लक्स  का S.I. मात्रक होता है। ल्यूमेन की परिभाषा एक ल्यूमेन वह ज्योति फ्लक्स है जो 1 केण्डिला की ज्योति तीव्रता का समदैशिक बिंदु स्रोत एकांक घन कोण में उत्सर्जित करता है।   मानक ल्यूमेन की परिभाषा - यदि 5550Å  की एकवर्णीय तरंगदैर्घ्य पर  विकिरण फ्लक्स   1/683  वाट है तो, ज्योति फ्लक्स 1 ल्यूमेन होता है।     दूसरे शब्दों में   यदि 5550Å की एकवर्णीय तरंगदैर्घ्य पर विकिरण फ्लक्स 1 वाट है तो ज्योति फ्लक्स 683  ल्यूमेन के बराबर होता है। ...

ज्योति तीव्रता किसे कहते हैं? इसकी परिभाषा, मात्रक(कैन्डिला), विमा, सूत्र एवम् संकेत की सम्पूर्ण जानकारी

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ज्योति तीव्रता ज्योति तीव्रता  [ Luminous Intensity ] ज्योति तीव्रता की परिभाषा   "किसी दिशा   में  किसी प्रकाश स्रोत के  एकांक    घन कोण     में  उत्सर्जित होने वाली  ज्योति फ्लक्स     की मात्रा  को उस प्रकाश स्रोत की  उस दिशा में   ज्योति तीव्रता कहते हैं।" नोट:- ज्योति तीव्रता को  प्रकाश स्रोत की प्रदीपन क्षमता   Illuminating power of a Light Source भी कहा जाता है। ज्योति तीव्रता का प्रतीक:- ज्योति तीव्रता को प्रतीक  "  I "   द्वारा प्रदर्शित किया जाता है। ज्योति तीव्रता का मात्रक- ज्योति तीव्रता का मात्रक ल्यूमेन   प्रति स्टेरेडियन   होता है।  इसे क...

ज्योति फ्लक्स क्या है, किसे कहते हैं, इसकी परिभाषा, मात्रक, सूत्र एवम् प्रतीक

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ज्योति फ्लक्स ज्योति फ्लक्स    ( LUMINOUS FLUX ) ज्योति फ्लक्स एक ऐसी राशि है  जो किसी प्रकाश स्रोत की  कुल द्युती (चमक) (Total Brightness)  उत्पन्न  करने की क्षमता  को व्यक्त करती है। ज्योति फ्लक्स की परिभाषा किसी प्रकाश स्रोत द्वारा   एक सेकंड  में  उत्सर्जित  दृश्य प्रकाश की मात्रा को  ज्योति फ्लक्स कहते हैं।   इसको  प्रकाशमितीय शक्ति  (Photometric Power)   भी कहा जाता है। ज्योति फ्लक्स का प्रतीक ज्योति फ्लक्स को F द्वारा प्रदर्शित करते हैं। ज्योति फ्लक्स का मात्रक ज्योति फ्लक्स को  एक स्वेच्छ मात्रक  ल्यूमेन   में व्यक्त किया जाता है।  यह ज्योति फ्लक्स का S.I. मात्रक है। ज्योति फ्लक्स की विमा ज्योति फ्लक्स का विमीय सूत्र  [ M L² T⎻³ ]   है। नोट:   ज्योति फ्लक्स का मान  विकिरण फ्लक्स  तथा  तरंगदैर्घ्य के वितरण  पर निर्भर करता है। और अधिक पढ़ें » ज्योति  तीव्रता  क्या  होती  है, इसकी  पर...

विकिरण फ्लक्स किसे कहते हैं, इसकी परिभाषा, मात्रक, विमा एवम् प्रतीक

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विकिरण फ्लक्स विकिरण फ्लक्स हम  जानते हैं  प्रत्येक  वस्तु  अपने  ताप  के  कारण  लगातार   ऊर्जा   का  उत्सर्जन  करती  रहती  है  जिसे विकिरण  ऊर्जा   कहते  हैं । किसी वस्तु से प्रति सेकंड उत्सर्जित होने वाली विकिरण ऊर्जा वस्तु के ताप तथा उसके पृष्ठ की प्रकृति एवं क्षेत्रफल पर निर्भर करती है। विकिरण ऊर्जा विभिन्न तरंगदैर्घ्य की तरंगों का मिश्रण होती है। ये अवरक्त तरंगें, दृश्य तरंगें तथा पराबैंगनी तरंगें हैं। इनमें दृश्य तरंगें, प्रकाश तरंगें होती हैं तथा अवरक्त एवं पराबैंगनी तरंगें अदृश्य तरंगें होती हैं। वस्तु का ताप 300 डिग्री सेल्सियस से अधिक होने पर दृश्य तरंगों का उत्सर्जन होना शुरू हो जाता है। सभी प्रकाश स्रोतों द्वारा उच्च तापों पर उत्सर्जित विकिरण ऊर्जा में पर्याप्त प्रकाश तरंगें होती हैं। विकिरण फ्लक्स इसी विकिरण ऊर्जा पर आधारित है। विकिरण ऊर्जा की परिभाषा  किसी प्रकाश स्रोत द्वारा   एक सेकंड में उत्सर्जित विकिरण ऊर्जा (अ...

स्टेरेडियन किसे कहते है, इसकी परिभाषा, सूत्र एवम् संकेत

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स्टेरेडियन यह घन कोण का मात्रक होता है। स्टेरेडियन की परिभाषा  एक स्टेरेडियन   वह घन कोण है जो किसी गोले की   त्रिज्या के वर्ग के बराबर क्षेत्रफल वाले   किसी गोलीय पृष्ठ द्वारा   उस गोले के केंद्र पर   अंतरित होता है । अथवा  किसी गोले के पृष्ठ   जिसका क्षेत्रफल   गोले की त्रिज्या के वर्ग के बराबर होता है,   द्वारा गोले के केंद्र पर अंतरित कोण   एक स्टेरेडियन होता है। स्टेरेडियन का प्रतीक/संकेत स्टेरेडियन को  '  sr '  प्रदर्शित करते हैं। याद रहे स्टेरेडियन को प्रदर्शित करने के s और r दोनों small letters में ही प्रयोग किए  जाते हैं और इनको लिखते समय दोनों के बीच में कोई space नहीं रखा जाता है, अर्थात् दोनों को एकसाथ मिला कर लिखा जाता है। स्टेरेडियन और केण्डिला   में संबंध ज्योति तीव्रता की परिभाषा के अनुसार   केण्डिला  = ल्यूमेन /  स्टेरेडियन   स्टेरेडियन =  ल्यूमेन / केण्डिला अत...

घन कोण क्या है, इसकी परिभाषा तथा सूत्र एवम् संकेत

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घन कोण  (SOLID ANGLE) यह एक व्युत्पन्न राशि है। घन कोण की परिभाषा- " किसी पृष्ठ द्वारा किसी बिंदु पर निर्मित कोण को घन कोण कहते हैं।" अथवा "किसी गोलीय पृष्ठ के क्षेत्रफल द्वारा गोले के केंद्र पर अंतरित कोण को घन कोण कहते हैं।" घन कोण का प्रतीक/संकेत -  इसे संकेत ω (ओमेगा)  द्वारा प्रदर्शित करते हैं। घन कोण का मात्रक  घन कोण एक विमाविहीन व्युत्पन्न राशि है परंतु इसका मात्रक होता है, इसके मात्रक को  स्टेरेडियन  (Sr) कहते हैं।     घन कोण का सूत्र- माना "  r "   त्रिज्या का एक गोला है जिसका केंद्र बिंदु  O  है,  r   त्रिज्या   के गोले के पृष्ठ क्षेत्रफल   ΔA  द्वारा गोले के केंद्र O पर बनाया गया घन कोण ω   =  क्षेत्रफल ΔA / r² किसी बिंदु पर बन सकने वाला अधिकतम घन कोण कितना होता है? इस प्रश्न का उत्तर जानने के लिए घन कोण के सूत्र का प्रयोग करना होगा; ω = क्षेत्रफल ΔA / r² चूंकि किसी बंद गोले के पूरे पृष्ठ का क्षेत्रफल 4πr²  होता है अत...