न्यूटन के गति के नियमों की सारी जानकारी उदाहरण के साथ
न्यूटन के गति के नियमों की सारी जानकारी उदाहरण के साथ न्यूटन ने अपने गति विषयक नियमों को सन् 1686-87 में अपनी प्रसिद्ध पुस्तक " प्रिंसिपिया " में लिखा था। सर आइजक न्यूटन न्यूटन ने गति विषयक " 3 नियमों " का प्रतिपादन किया था। इन नियमों के आधार पर " आकाशीय व पार्थिव पिंडों" की स्थितियों के विषय में भविष्यवाणियां की जाती है जो कि पूर्णतः सही होती है। न्यूटन का गति का प्रथम नियम इसे जड़त्व का नियम भी कहा जाता है इसके अनुसार, "यदि कोई वस्तु विरामावस्था है तो वह वस्तु विरामावस्था में ही रहेगी तथा यदि कोई वस्तु गति की अवस्था में हैं, तो वह एक समान गति की अवस्था में ही रहेगी जब तक कि उस पर कोई बाह्य(अर्थात बाहरी) बल न लगाया जाए।" दूसरी परिभाषा "बाहरी बल की अनुपस्थिति में यदि कोई वस्तु स्थिर है तो वह स्थिर रहती है और यदि एकसमान रेखीय गति कर रही है तो वह एकसमान रेखीय गति करती रहती है।" महत्वपूर्ण तथ्य - यह नियम बल को परिभाषित करता है बाहरी बल लगाने पर वस्तु अपनी अवस्था के परिवर्तन का विरोध करती है इसे गैलीलियो का जड़त्व का नियम भी कहते ...