एम्पियर क्या है, इसकी परिभाषा, मानक परिभाषा, प्रतीक एवम् सूत्र
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| एम्पियर की परिभाषा |
एम्पीयर
एम्पियर विद्युत धारा का मात्रक होता है।
एम्पियर की परिभाषा
"1 एम्पियर
उस विद्युत धारा के बराबर होती है जो
किसी चालक के परिच्छेद में
प्रति सेकेंड 1 कूलॉम आवेश
प्रवाहित करने पर उत्पन्न होती है"
चूंकि हम जानते हैं कि
1 कूलॉम आवेश में
इलेक्ट्रॉनों की संख्या 6.25 × 10¹⁸ होती है।
अतः इस आधार पर एंपियर की परिभाषा कुछ इस प्रकार होगी -
इसके अलावा परीक्षा में एंपियर की मानक परिभाषा भी पूछ ली जाती है जिसको याद रखना और समझना अति आवश्यक है
अतः इस आधार पर एंपियर की परिभाषा कुछ इस प्रकार होगी -
"1 एंपियर धारा
उस विद्युत धारा के बराबर होती है जो
किसी चालक के परिच्छेद से
6.25 × 10¹⁸ इलेक्ट्रॉन प्रति सेकेंड
गुजरने पर उत्पन्न होती है"
एंपियर की मानक परिभाषा
एंपियर की मानक परिभाषा विद्युत चुंबकीय बल के आधार पर निम्नवत दी जाती है- "1 एंपियर
वह विद्युत धारा होती है जिसे
निर्वात में परस्पर 1 मीटर की दूरी पर स्थित दो समांतर चालकों में प्रवाहित करने पर
चालकों की प्रति मीटर लंबाई पर
वह विद्युत धारा होती है जिसे
निर्वात में परस्पर 1 मीटर की दूरी पर स्थित दो समांतर चालकों में प्रवाहित करने पर
चालकों की प्रति मीटर लंबाई पर
2 × 10⎻⁷ न्यूटन का
प्रतिकर्षण अथवा आकर्षण बल
उत्पन्न होता है।"
प्रतिकर्षण अथवा आकर्षण बल
उत्पन्न होता है।"
यह एंपियर की मानक परिभाषा है।
एम्पियर का प्रतीक
एम्पियर को अंग्रेजी वर्णमाला के अक्षर 'A' द्वारा प्रदर्शित किया जाता है।एम्पियर का सूत्र
1 एम्पियर = कूलॉम / सेकेण्ड
1 A = C / s
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