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चर, अचर तथा नियातांक [Variable and Constant]

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विमीय नियतांक चर, अचर तथा नियतांक विमीय चर विमीय चर वे भौतिक राशियां हैं जिनकी विमाएं होती हैं तथा परिमाण नियत नहीं होता है। विमीय चर के उदाहरण क्षेत्रफल आयतन त्वरण बल आदि। विमाहीन चर विमाहीन चर वे भौतिक राशियां हैं जिनकी विमाएँ नहीं होती तथा परिमाण भी नियत नहीं होता है। विमाहीन चर के उदाहरण कोण, विकृति, आपेक्षिक घनत्व, लेंस की क्षमता, त्रिकोणमिति फलन,  लघुगणक फलन, चरघातांकीय फलन आदि। विमीय नियतांक विमीय नियतांक वे भौतिक राशियां हैं जिनकी विमाएं होती हैं तथा मान नियत रहता है। विमीय नियतांक के उदाहरण गुरुत्वाकर्षण नियतांक G गैस नियतांक R प्लांक नियतांक h आदि। विमाहीन नियतांक वे नियत राशियां हैं  जिनकी विमा नहीं होती है। विमाहीन नियतांक के उदाहरण  शुद्ध अंक 1, 2, 3, 4, 5,...., π,e आदि।

विमा, विमीय सूत्र, विमीय समीकरण की सम्पूर्ण जानकारी

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विमा, विमीय सूत्र एवम् विमीय समीकरण विमा, विमीय सूत्र तथा विमीय समीकरण हम  जानते  हैं  कि  द्रव्यमान,  लंबाई,  समय, ताप,  विद्युत धारा,  ज्योति तीव्रता,  तथा पदार्थ की  मात्रा  की  मूल  राशियों  को क्रमश:  [M],  [L],  [T],  [K],  [A],  [cd], तथा  [mol]   से  प्रदर्शित  करते  हैं, तथा   किसी व्युत्पन्न राशि को मूल राशियों के पदों में व्यक्त करने के लिए मूल राशियों पर कुछ घातें लगाकर उनके गुणनफल के रूप में लिखते हैं।  जैसे  क्षेत्रफल =  लंबाई × चौड़ाई                =  [L]×[L]                 =  [L²] इसे L two पड़ते हैं ना कि L square आयतन = लंबाई × चौड़ाई × ऊंचाई              =  [L]×[L]×[L]              =  [L³] इसे L three पढ़ते हैं ना कि L cu...

घन कोण क्या है, इसकी परिभाषा तथा सूत्र एवम् संकेत

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घन कोण  (SOLID ANGLE) यह एक व्युत्पन्न राशि है। घन कोण की परिभाषा- " किसी पृष्ठ द्वारा किसी बिंदु पर निर्मित कोण को घन कोण कहते हैं।" अथवा "किसी गोलीय पृष्ठ के क्षेत्रफल द्वारा गोले के केंद्र पर अंतरित कोण को घन कोण कहते हैं।" घन कोण का प्रतीक/संकेत -  इसे संकेत ω (ओमेगा)  द्वारा प्रदर्शित करते हैं। घन कोण का मात्रक  घन कोण एक विमाविहीन व्युत्पन्न राशि है परंतु इसका मात्रक होता है, इसके मात्रक को  स्टेरेडियन  (Sr) कहते हैं।     घन कोण का सूत्र- माना "  r "   त्रिज्या का एक गोला है जिसका केंद्र बिंदु  O  है,  r   त्रिज्या   के गोले के पृष्ठ क्षेत्रफल   ΔA  द्वारा गोले के केंद्र O पर बनाया गया घन कोण ω   =  क्षेत्रफल ΔA / r² किसी बिंदु पर बन सकने वाला अधिकतम घन कोण कितना होता है? इस प्रश्न का उत्तर जानने के लिए घन कोण के सूत्र का प्रयोग करना होगा; ω = क्षेत्रफल ΔA / r² चूंकि किसी बंद गोले के पूरे पृष्ठ का क्षेत्रफल 4πr²  होता है अत...

न्यूटन का गुरुत्वाकर्षण का नियम सम्पूर्ण जानकारी

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न्यूटन का गुरुत्वाकर्षण नियम न्यूटन का गुरुत्वाकर्षण नियम बताता है कि, "किन्ही दो पिंडों के बीच कार्य करने वाला आकर्षण बल उनके द्रव्यमानों के गुणनफल के अनुक्रमानुपाती तथा उनके बीच की दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है इस बल की दिशा दोनों पिंडों को मिलाने वाली रेखा की दिशा में होती है।" अब माना दो पिंडों के द्रव्यमान  m 1 व   m 2 हैं तथा उनके बीच की दूरी  'r'  है तो उनके बीच कार्य करने वाला आकर्षण बल  F, F ∝ m 1 ×  m 2 F ∝ 1 r 2 F ∝ m 1 × m 2 r 2 इस प्रकार, F = G × m 1 × m 2 r 2 जहां  'G'  एक अनुक्रमानुपाती नियतांक है नोट क्योंकि G का मान पिंडों की प्...

वैद्युत विभव की परिभाषा, SI मात्रक, विमा तथा सूत्र

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वैद्युत विभव / विद्युत विभव की परिभाषा, SI मात्रक, विमा तथा सूत्र विद्युत विभव की परिभाषा विद्युत क्षेत्र में किसी परीक्षण धन आवेश  को अनंत से किसी बिंदु तक लाने में किए गए कार्य तथा परीक्षण आवेश के अनुपात को उस बिंदु पर  विद्युत विभव कहते हैं। विद्युत विभव का संकेत इसे ' V' से प्रदर्शित  करते हैं  तथा यह अदिश राशि है विद्युत विभव का सूत्र  माना किसी परीक्षण धन आवेश  q 0 को अनंत से वैद्युत क्षेत्र के किसी बिंदु तक लाने में किया गया कार्य  W है तो, उस बिंदु पर विद्युत विभव [ V =  W / q 0    जूल / कूलॉम ] विद्युत विभव का मात्रक  विद्युत विभव का मात्रक जूल प्रति कूलाम होता है, जिसे ' वोल्ट'  कहा जाता है। विद्युत विभव की विमा  विद्युत विभव की विमा V=W/ q 0    V= F×d/i×t V =m×a×d/i×t अतः विद्युत विभव की विमा     [ML²T-A-¹] यहां यह बात ध्यान रखना बहुत आवश्यक है कि यदि धन परीक्षण आवेश को अनंत से वैद्युत क्षेत्र के भीतर किसी बिंदु तक लाने में कार्य वैद्...