धारा रेखी प्रवाह किसे कहते हैं?? जानिए सम्पूर्ण जानकारी।

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धारा रेखी प्रवाह

द्रव का धारा रेखीय प्रवाह एक व्यवस्थित प्रवाह है जिसमें द्रव के प्रवाह का एक क्रम होता है अर्थात प्रत्येक कण उसी पथ का अनुसरण करेगा (करता है), जिस पथ पर उससे आगे वाला कण चलता है।



{Stream line flow}
It is an orderly motion, in which every particle of liquid follows the same path as is being followed by its preceding particle.



यह एक नियमित प्रवाह है। कण द्वारा चले गए पथ को धारा रेखा कहते हैं। धारा रेखा के किसी बिंदु पर खींची गई स्पर्श रेखा, स्पर्श बिंदु पर द्रव के वेग की दिशा को दर्शाती है।


स्पष्ट हो कि दो धारा रेखाएं रेखा एक दूसरे को किसी भी बिंदु पर नहीं काटती हैं।
यदि वे काटती है तो उनके कटान बिंदु पर द्रव के वेग की दो दिशाएं होंगी जो कि द्रव की साम्यावस्था में संभव नहीं है



धारा रेखा का तात्पर्य सरल रेखा नहीं है, सामान्यतः किसी द्रव के प्रवाह की धारा एक वक्र होती है
किन्तु यदि द्रव पर पार्श्व दाब (lateral pressure) समान हो तो धारा रेखा सरल रेखा होती है।



धारा रेखीय प्रवाह का विशेष गुण यह है कि किसी निश्चित बिंदु पर द्रव के प्रवाह का वेग समय के सापेक्ष अपरिवर्तित रहता है अर्थात द्रव के वेग का परिमाण तथा दिशा नियत रहते हैं किंतु भिन्न-भिन्न  बिंदुओं पर द्रव का वेग भिन्न-भिन्न हो सकता है।


द्रव के प्रवाह के लंबवत प्रवाह रेखाओं की संख्याओं को देख कर द्रव के वेग का अनुमान लगाया जा सकता है।


यदि प्रवाह रेखाएं पास पास है तो वेग अधिक होगा तथा यदि प्रवाह रेखाएं दूर-दूर हैं तो द्रव का वेग कम होगा।


यदि द्रव के अंदर भिन्न-भिन्न बिंदुओं पर द्रवों के परिमाण भिन्न-भिन्न हो किंतु उनकी दिशाएं समांतर हो तो ऐसे प्रवाह को पटलीय या स्तरीय प्रवाह (laminar flow) कहते हैं


द्रव का धारा रेखीय प्रवाह केवल श्यान द्रव (तरल) का गुण है जो कि उसकी श्यानता पर निर्भर करता है ना कि द्रव के घनत्व पर

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