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न्यूटन के गति के नियमों की सारी जानकारी उदाहरण के साथ

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न्यूटन के गति के नियमों की सारी जानकारी उदाहरण के साथ न्यूटन ने अपने गति विषयक नियमों को सन् 1686-87 में अपनी प्रसिद्ध पुस्तक " प्रिंसिपिया  "  में लिखा था। सर आइजक न्यूटन न्यूटन ने गति विषयक " 3 नियमों "  का प्रतिपादन किया था। इन नियमों के आधार पर " आकाशीय व पार्थिव पिंडों" की स्थितियों के विषय में भविष्यवाणियां की जाती है जो कि पूर्णतः सही होती है।  न्यूटन का गति का प्रथम नियम इसे जड़त्व का नियम भी कहा जाता है  इसके अनुसार, "यदि कोई वस्तु विरामावस्था है तो वह वस्तु विरामावस्था में ही रहेगी तथा यदि कोई वस्तु गति की अवस्था में हैं, तो वह एक समान गति की अवस्था में ही रहेगी जब तक कि उस पर कोई बाह्य(अर्थात बाहरी) बल न लगाया जाए।" दूसरी परिभाषा "बाहरी बल की अनुपस्थिति में यदि कोई वस्तु स्थिर है तो वह स्थिर रहती है और यदि एकसमान रेखीय गति कर रही है तो वह एकसमान रेखीय गति करती रहती है।"   महत्वपूर्ण तथ्य -    यह नियम बल को परिभाषित करता है बाहरी बल लगाने पर वस्तु अपनी अवस्था के परिवर्तन का विरोध करती है इसे गैलीलियो का जड़त्व का नियम भी कहते ...

प्रश्न- विस्थापन किसे कहते हैं? सहउदाहरण उत्तर दीजिये।

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विस्थापन किसे कहते हैं? सहउदाहरण उत्तर दीजिये। विस्थापन को समझने के लिए पहले हमें दूरी को समझना होगा। दूरी किसी गतिमान वस्तु द्वारा किसी समय में तय किए गए पथ की " लम्बाई " को उस वस्तु द्वारा चली गई " दूरी " कहते हैं। SI प्रणाली में दूरी का मात्रक मीटर होता है। दूरी =  चाल × समय विस्थापन वस्तु की अन्तिम तथा प्रारम्भिक स्थितियों के बीच  के अन्तर को  " विस्थापन " कहते हैं। S.I. प्रणाली में विस्थापन का मात्रक मीटर होता है।  चाल किसी वस्तु द्वारा' एकांक समय में चली गई " दूरी " को वस्तु की "चाल" कहते हैं। "चाल" =  दूरी  /  समय S.I. प्रणाली में चाल का मात्रक S.I. प्रणाली में चाल  का मात्रक मीटर/सेकंड   (m/s) होता है। " वेग " किसी वस्तु के "एकांक समय" में विस्थापन को " वेग " कहते हैं। "वेग" = विस्थापन / समयांतराल S.I. प्रणाली में वेग का मात्रक S.I. प्रणाली में वेग क मात्रक मीटर/सेकंड  होता है। त्वरण किसी वस्तु के "वेग परिवर्तन की दर" को "त्वरण" कहा जाता है।   "त...

प्रश्न - क्षारक क्या होता है? इसके गुणों व उपयोगों की व्याख्या कीजिए।

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क्षारक की परिभाषा क्षारक एक रासायनिक पदार्थ होता है। यह लाल लिटमस पेपर को नीला कर देते हैं व इनका स्वाद कड़वा होता है। क्षारक की​  अम्ल के साथ अभिक्रिया  अम्ल एवं क्षारक एक दूसरे के प्रति विरोधी होते हैं। अम्ल  एवं क्षारक की अभिक्रिया करने पर यह एक दूसरे के प्रभाव को समाप्त देते हैं। अम्ल द्वारा क्षारक का प्रेषित प्रभाव तथा  क्षारक द्वारा अम्ल का प्रेषित प्रभाव समाप्त हो जाता है। अथवा अम्ल एवं क्षारक की अभिक्रिया के परिणामस्वरुप लवण तथा जल प्राप्त होते हैं। अम्ल एवं क्षारक की इस अभिक्रिया को उदासीनीकरण अभिक्रिया कहते हैं। क्षारक की जल के साथ अभिक्रिया *क्षारक जल में हाइड्रोक्साइड(oh-)आयन उत्पन्न करते हैं । *जल में घुलनाील क्षारक को क्षार कहते हैं। *सभी अम्ल h+ (aq) तथा सभी क्षारक oh- (aq) उत्पन्न करते हैं। सूचक कपड़े पर लगे सब्जी के दाग पर जब क्षार के प्रकृति वाला साबुन उसके धब्बे का रंग भूरा लाल हो जाता है। गन्धीय सूचक किसे कहा जाता है? अम्ल व क्षारक में कोई एक ऐसा ये ऐसे पदार्थ जिनकी गंद अम्लीय व क्षारकीय मध्यम से थोड़ी भिन्न हो जाती है। इन्हें गंधीय सूचक कहत...

यथार्थता क्या है? यथार्थता का अर्थ, यथार्थता की परिभाषा, यथार्थता का उदाहरण

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यथार्थता (Accuracy) वह शब्द है जो किसी वस्तु की माप की, उसकी वास्तविक माप  से निकटता प्रदर्शित करने के लिए प्रयोग किया जाता है। (Accuracy is the term used to indicate the closeness of a measurement to its accurate value.) यथार्थता, सापेक्ष त्रुटि के द्वारा निश्चित होती है तथा यथार्थता का सूत्र Bhautikwala के अन्य कुछ प्रश्न उत्तर :- सापेक्ष त्रुटि किसे कहते हैं? जानने के लिए यहां क्लिक करे। विस्थापन किसे कहते हैं? जानने के लिए यहां क्लिक करे।  संक्षारण किसे कहते हैं? जानने के लिए यहां क्लिक करें। अनुमेय त्रुटि क्या है? इसकी परिभाषा व सूत्र जानने के लिए यहां क्लिक करें। क्या होता है अल्पतमांक? जानने के लिए यहां क्लिक करे ।

सापेक्ष त्रुटि / आपेक्षिक त्रुटि अथवा भिन्नात्मक़ त्रुटि

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सापेक्ष अथवा भिन्नात्मक त्रुटि   किसी भौतिक राशि का प्रेषित मान, x ± Δx =  x{1 ± Δx/x}  माना   Δx/x=p तब प्रेषित मान  = x (1±p)                =  x ± xp अतः किसी राशि की माप को    x (1±p)    के रूप में लिखने पर,  '  x  ' उस राशि की  प्रेक्षित माप  तथा  '  p  ' उस माप में  सापेक्ष त्रुटि  होती है।  प्रेक्षित माप  x   को  (x ± Δx)  के रूप में प्रदर्शित करने का तात्पर्य है कि माप का मान  (x - ∆x)  से  (x + Δx)  के बीच कुछ भी हो सकता है, जहाँ  Δx  इस माप में  अधिकतम संभव निरपेक्ष त्रुटि  है। माना यदि किसी राशि की माप x = 4.236 सेमी हो, तो इस माप में  दाहिनी ओर का अन्तिम अंक अनिश्चित होता है। यहाँ अंक 6 अनिश्चित है। यदि प्रयोग किये गये यंत्र का अल्पतमांक  ज्ञात नहीं है तो इस माप में  निरपेक्ष  त्रुटि  Δx  ज्ञात करने लिए,...

अनुमेय त्रुटि क्या है? इसकी परिभाषा व सूत्र

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अनुमेय त्रुटि की परिभाषा अनुमेय त्रुटि किसे कहते हैं? अनुमेय त्रुटि की परिभाषा प्रत्येक प्रयोग में  प्रयुक्त किये गये  मापक यंत्रों के अल्पतमांकों के  निश्चित मानों के कारण  उन यंत्रों द्वारा ली गयी मापों में  आयी सापेक्ष त्रुटियों के कारण,  गणना करने पर प्रयोग के फल में  जो सापेक्ष त्रुटि आ जाती है,  उसे अनुमेय त्रुटि कहते हैं।   अन्य त्रुटियों के समान, इसका भी अधिकतम मान ही ज्ञात किया जाता है। यदि किसी प्रयोग में, Y = AˣBʸ/Cᶻ तो Y में अनुमेय त्रुटि ΔY/Y = {xΔA/A + yΔB/B - zΔC/C} (यह समीकरण कैसे आया? जानने के लिए सबसे नीचे देखिए...)   तथा Y  में अधिकतम अनुमेय त्रुटि , ΔY/Y = { xΔA/A + yΔB/B + zΔC/C } (यहां केवल माइनस की जगह प्लस (+) लगा देते हैं)   Y में अधिकतम अनुमेय त्रुटि, प्रतिशत में =     ΔY/Y × 100% =  { xΔA/A + yΔB/B + zΔC/C } × 100% विशेष - यदि   Y = AˣBʸ/Cᶻ Y = AˣBʸC⁻ᶻ दोनों ओर का log लेने पर , logy = xlogA + ylogB - zlogC इस समीकरण का आंशिक अ...

निरपेक्ष त्रुटि क्या होती है? इसकी परिभाषा, मात्रक तथा सूत्र

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निरपेक्ष त्रुटि किसे कहते हैं निरपेक्ष त्रुटि निरपेक्ष त्रुटि क्या है? निरपेक्ष त्रुटि शब्द का प्रयोग किसी भी  मापक यंत्र द्वारा मापन में रह जाने वाली कमी   के लिए किया जाता है, जिस कमी को अधिकतर वह मापक यंत्र ना माप सकता हो इस कमी को ही निरपेक्ष त्रुटि के नाम से जाना जाता है। निरपेक्ष त्रुटि की परिभाषा " किसी मापक यंत्र द्वारा  किसी भौतिक राशि के प्रेषित मान तथा  उस भौतिक राशि के शुद्ध मान में  जो अंतर होता है,  उसको मापक यंत्र की  निरपेक्ष त्रुटि कहते हैं।" निरपेक्ष त्रुटि को  ' परम त्रुटि'   भी कहा जाता है । निरपेक्ष त्रुटि का मान  धनात्मक अथवा ऋणात्मक हो सकता है,  किन्तु शून्य कभी नहीं हो सकता है । निरपेक्ष त्रुटि का सूत्र यदि किसी भौतिक राशि का यथार्थ मान xₐ  हो तथा मापक यंत्र द्वारा प्रेक्षित मान x हो तथा इस प्रेक्षित मान में निरपेक्ष त्रुटि Δx  हो, तब निरपेक्ष त्रुटि           Δx = x - xₐ निरपेक्ष त्रुटि का मात्रक निरपेक्ष त्रुटि...

जानिए क्या होता है अल्पतमांक

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अल्पतमांक अल्पतमांक किसी भी भौतिक राशि को मापने के लिए मापक यंत्र का प्रयोग किया जाता है ; जैसे - लम्बाई मापने के लिए मीटर पैमाना, वर्नियर कैलीपर्स, स्क्रूगेज, आदि प्रयोग किये जाते हैं। अल्पतमांक की परिभाषा  किसी मापक यंत्र द्वारा   मापी जा सकने वाली   न्यूनतम माप को   उस मापक यंत्र का    अल्पतमांक (least count) कहते हैं। जैसे — मीटर पैमाने का अल्पतमांक 0.1 cm = 1 mm होता है वर्नियर कैलीपर्स का अल्पतमांक 0.01 cm =0.1 mm होता है स्क्रूगेज का अल्पतमांक 0.001 cm =0.01 mm होता है अतः मीटर पैमाने द्वारा किसी रेखा की लम्बाई मापने पर 0.1 cm से कम अर्थात् सेमी के दशमलव के दूसरे अंक में मापन संभव नहीं है। इसका अर्थ यह है कि यदि किसी रेखा की लम्बाई 39.43 cm है तो मीटर पैमाना इसे 39.4 cm तक शुद्ध पढ़ेगा परन्तु शेष 0.03 cm की शुद्ध माप लेना इस मीटर पैमाने से संभव नहीं होगा। इस प्रकार किसी 'मापक यंत्र' द्वारा प्राप्त मान शुद्ध / यथार्थ (correct / accurate) नहीं होता है। उसके द्वारा मापन में कोई न ...

केल्विन क्या है, किसका मात्रक है, इसकी परिभाषा एवं संकेत [Kelvin]

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केल्विन की परिभाषा और संकेत केल्विन क्या है? केल्विन मूल मात्रक होता है।  यह ताप का S.I. मात्रक होता है, अर्थात किसी भी वस्तु का तापक्रम एस आई पद्धति में प्रदर्शित करने के लिए केल्विन शब्द का उपयोग किया जाता है। केल्विन का प्रतीक 'K' होता है। केल्विन किसका मात्रक     है? यह S.I. पद्धति में ताप का मात्रक होता है। केल्विन की मानक परिभाषा- कहीं-कहीं साक्षात्कार(इंटरव्यू) में केल्विन की मानक परिभाषा पूछ ली जाती है जिसमें सफल होने के लिए आपको मानक परिभाषा का पता होना आवश्यक है। केल्विन की मानक परिभाषा-    "एक केल्विन   जल के त्रिक बिंदु के  उष्मागतिक ताप का  1/273.16 वां भाग   होता है।"     अथवा "एक वायुमंडलीय दाब पर  उबलते जल के ताप  तथा  गलती बर्फ के ताप  के अंतर का 100 वां भाग  एक केल्विन के बराबर होता है।" नोट- जल का त्रिक बिंदु 273.16 केल्विन है।

जानिए क्या होती हैं व्युत्पन्न राशियाँ [Derived Quantities]

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व्युत्पन्न राशियां in hindi व्युत्पन्न राशियां क्या होती हैं? व्युत्पन्न राशियों की परिभाषा  - "वह भौतिक राशियां जो मूल राशियों की सहायता से व्यक्त की जाती हैं व्युत्पन्न राशियां कहलाती हैं।" "उन भौतिक राशियों को व्युत्पन्न राशि कहा जाता है जिन्हें मूल राशियों की सहायता से व्यक्त किया जाता है।" "मूल तथा पूरक राशियों के अलावा सभी भौतिक राशियों  को व्युत्पन्न राशि कहा जाता है।" व्युत्पन्न राशियों के उदाहरण क्षेत्रफल बल घनत्व वेग चाल  इत्यादि।

जानिए क्या होते हैं व्युत्पन्न मात्रक [Derived Units]

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व्युत्पन्न मात्रक की परिभाषा एवम् उदाहरण व्युत्पन्न मात्रक क्या होते हैं ? व्युत्पन्न मात्रक की परिभाषा   "व्युत्पन्न मात्रक वे मात्रक होते हैं जो किसी व्युत्पन्न राशि को व्यक्त करने के लिए प्रयोग किए जाते हैं।" "वे मात्रक जिनको मूल मात्रकों की सहायता से प्राप्त किया जाता है व्युत्पन्न मात्रक कहलाते हैं।" व्युत्पन्न मात्रकों को मूल मात्रकों के पदों में व्यक्त किया जाता है। व्यु त्पन्न मात्रक के उदाहरण क्षेत्रफल का मात्रक मीटर² घनत्व का मात्रक किलोग्राम/मीटर³ वेग का मात्रक मीटर/सेकंड बल का मात्रक किलोग्राम-मीटर/सेकेंड² ऊष्मा का मात्रक जूल = न्यूटन-मीटर जूल = Kg-m²/s² कार्य का मात्रक वाट  = ज़ूल/सेकेंड वाट = न्यूटन-मीटर/ सेकेंड वाट = Kg-m²/s³ बल का मात्रक न्यूटन  = किग्रा-मीटर/सेकेंड² न्यूटन  = Kg-m/s² दाब का मात्रक    पास्कल = न्यूटन/मीटर² पास्कल  = किग्रा-मीटर/सेकेंड²मीटर² पास्कल   = kg/m-s² Note- मीटर  , किलोग्राम , सेकेण्ड , मोल , एम्पियर ,  केंडेला , केल्विन मूल मात्रक होते हैं।