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घन कोण क्या है, इसकी परिभाषा तथा सूत्र एवम् संकेत

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घन कोण  (SOLID ANGLE) यह एक व्युत्पन्न राशि है। घन कोण की परिभाषा- " किसी पृष्ठ द्वारा किसी बिंदु पर निर्मित कोण को घन कोण कहते हैं।" अथवा "किसी गोलीय पृष्ठ के क्षेत्रफल द्वारा गोले के केंद्र पर अंतरित कोण को घन कोण कहते हैं।" घन कोण का प्रतीक/संकेत -  इसे संकेत ω (ओमेगा)  द्वारा प्रदर्शित करते हैं। घन कोण का मात्रक  घन कोण एक विमाविहीन व्युत्पन्न राशि है परंतु इसका मात्रक होता है, इसके मात्रक को  स्टेरेडियन  (Sr) कहते हैं।     घन कोण का सूत्र- माना "  r "   त्रिज्या का एक गोला है जिसका केंद्र बिंदु  O  है,  r   त्रिज्या   के गोले के पृष्ठ क्षेत्रफल   ΔA  द्वारा गोले के केंद्र O पर बनाया गया घन कोण ω   =  क्षेत्रफल ΔA / r² किसी बिंदु पर बन सकने वाला अधिकतम घन कोण कितना होता है? इस प्रश्न का उत्तर जानने के लिए घन कोण के सूत्र का प्रयोग करना होगा; ω = क्षेत्रफल ΔA / r² चूंकि किसी बंद गोले के पूरे पृष्ठ का क्षेत्रफल 4πr²  होता है अत...

ट्रांजिस्टर के बारे में सम्पूर्ण जानकारी

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ट्रांजिस्टर ट्रांजिस्टर एक ठोस अवस्था युक्ति होती है अर्थात इसकी कार्यप्रणाली ठोस में आवेश वाहक के प्रवाह पर आधारित होती है यह सिलीकान या जर्मेनियम के क्रिस्टल से बना होता है जिसमें N प्रकार के पदार्थ की एक परत को P प्रकार के पदार्थ की दो परतों के बीच सैंडविच की भांति व्यवस्थित किया जाता है इसी प्रकार P प्रकार के पदार्थ की एक परत को N प्रकार के पदार्थ की 2 परतों के बीच में व्यवस्थित करके ट्रांजिस्टर तैयार किया जाता है एक ही प्रकार के दो अर्ध चालकों के मध्य दूसरे प्रकार के अर्ध चालक की पतली परत लगा देने पर जो युक्ति बनती है उसे trasistor कहते हैं ट्रांजिस्टर के प्रकार Transistor दो प्रकार के होते हैं (1)PNP transistor जब दो p टाइप अर्ध चालकों के मध्य N टाइप अर्ध चालक की एक पतली परत लगा दी जाती है तो इस प्रकार बने transistor को PNP transistor कहते हैं (2)NPN Transistor जब दो N टाइप अर्ध चालकों के मध्य P टाइप अर्ध चालक की एक पतली परत लगा दी जाती है तो इस प्रकार के transistor को NPN transistor कहते हैं ट्रांजिस्टर के आविष्कार से पहले वेक्यूम ट्रायोड प्रयोग प्रयुक्त ...