निरपेक्ष त्रुटि क्या होती है? इसकी परिभाषा, मात्रक तथा सूत्र
निरपेक्ष त्रुटि शब्द का प्रयोग किसी भी
मापक यंत्र द्वारा मापन में रह जाने वाली कमी
के लिए किया जाता है,
जिस कमी को अधिकतर वह मापक यंत्र ना माप सकता हो
इस कमी को ही निरपेक्ष त्रुटि के नाम से जाना जाता है।
निरपेक्ष त्रुटि को 'परम त्रुटि' भी कहा जाता है।
निरपेक्ष त्रुटि का मान
जिस कमी को अधिकतर वह मापक यंत्र ना माप सकता हो
इस कमी को ही निरपेक्ष त्रुटि के नाम से जाना जाता है।
निरपेक्ष त्रुटि की परिभाषा
"किसी मापक यंत्र द्वाराकिसी भौतिक राशि के प्रेषित मान तथाउस भौतिक राशि के शुद्ध मान मेंजो अंतर होता है,उसको मापक यंत्र कीनिरपेक्ष त्रुटि कहते हैं।"
निरपेक्ष त्रुटि को 'परम त्रुटि' भी कहा जाता है।
निरपेक्ष त्रुटि का मान
धनात्मक अथवा ऋणात्मक हो सकता है,
किन्तु शून्य कभी नहीं हो सकता है।
तथा
मापक यंत्र द्वारा प्रेक्षित मान x हो
तथा
निरपेक्ष त्रुटि का सूत्र
यदि किसी भौतिक राशि का यथार्थ मान xₐ होतथा
मापक यंत्र द्वारा प्रेक्षित मान x हो
तथा
इस प्रेक्षित मान में निरपेक्ष त्रुटि Δx हो,
तब निरपेक्ष त्रुटि
Δx = x - xₐ
किसी प्रेक्षित माप में निरपेक्ष त्रुटि का अधिकतम मान, प्रयोग किये गये मापक यंत्र के अल्पतमांक के बराबर मान लिया जाता है।
अधिकतम निरपेक्ष त्रुटि = ± मापक यंत्र का अल्पतमांक
अर्थात्
तब निरपेक्ष त्रुटि
Δx = x - xₐ
निरपेक्ष त्रुटि का मात्रक
निरपेक्ष त्रुटि Δx के मात्रक वही होंगे जो x तथा xₐ के हैं।निरपेक्ष त्रुटि का अधिकतम मान
अधिकतम निरपेक्ष त्रुटि = ± मापक यंत्र का अल्पतमांक
किसी भौतिक राशि का यथार्थ मान कैसे ज्ञात किया जाता है?
किसी भौतिक राशि का यथार्थ मान xₐ ज्ञात करने के लिए प्रेक्षित मान x में से निरपेक्ष त्रुटि Δx को चिन्ह सहित बीजगणितीय विधि द्वारा घटा देते हैं,अर्थात्
xₐ = x - Δx
Note :-
(१.) किसी राशि के यथार्थ मान के अभाव में, उस राशि के अधिक संख्या में लिए गए परीक्षणों के मानों के समांतर माध्य को, उस राशि का यथार्थ मान मान लिया जाता है।
(२.) किसी राशि के मापन में होने वाली निरपेक्ष त्रुटि का प्रायः अधिकतम मान ही ज्ञात किया जाता है।

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