विकिरण फ्लक्स किसे कहते हैं, इसकी परिभाषा, मात्रक, विमा एवम् प्रतीक
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| विकिरण फ्लक्स |
विकिरण फ्लक्स
हम जानते हैं प्रत्येक वस्तु अपने ताप के कारण लगातार ऊर्जा का उत्सर्जन करती रहती है जिसे विकिरण ऊर्जा कहते हैं ।किसी वस्तु से प्रति सेकंड उत्सर्जित होने वाली विकिरण ऊर्जा वस्तु के ताप तथा उसके पृष्ठ की प्रकृति एवं क्षेत्रफल पर निर्भर करती है।
विकिरण ऊर्जा विभिन्न तरंगदैर्घ्य की तरंगों का मिश्रण होती है। ये अवरक्त तरंगें, दृश्य तरंगें तथा पराबैंगनी तरंगें हैं।
इनमें दृश्य तरंगें, प्रकाश तरंगें होती हैं तथा अवरक्त एवं पराबैंगनी तरंगें अदृश्य तरंगें होती हैं।
वस्तु का ताप 300 डिग्री सेल्सियस से अधिक होने पर दृश्य तरंगों का उत्सर्जन होना शुरू हो जाता है।
सभी प्रकाश स्रोतों द्वारा उच्च तापों पर उत्सर्जित विकिरण ऊर्जा में पर्याप्त प्रकाश तरंगें होती हैं।
विकिरण फ्लक्स इसी विकिरण ऊर्जा पर आधारित है।
विकिरण ऊर्जा की परिभाषा
किसी प्रकाश स्रोत द्वारा
एक सेकंड में उत्सर्जित
विकिरण ऊर्जा (अवरक्त, दृश्य एवं पराबैंगनी) को
उस प्रकाश स्रोत का
विकिरण फ्लक्स कहते हैं।
विकिरण फ्लक्स का प्रतीक
विकिरण फ्लक्स का मात्रक Φe होता है।
विकिरण फ़्लक्स का मात्रक
विकिरण फ्लक्स का S.I. मात्रक वाट (W) होता है।1 वाट = जूल प्रति सेकंड1 W = j / s
विकिरण फ्लक्स की विमा
विकिरण फ्लक्स का विमीय सूत्र
[ M L² T⎻³ ]
होता है ।

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