प्रकाश विद्युत प्रभाव के बारे में सम्पूर्ण जानकारी

प्रश्न - प्रकाश विद्युत प्रभाव की खोज किसने की थी?

उत्तर - प्रकाश विद्युत प्रभाव की खोज वैज्ञानिक हर्ट्ज (Hertz) ने की थी।

प्रकाश विद्युत प्रभाव के बारे में जानकारी, प्रकाश विद्युत प्रभाव क्या होता है,



प्रकाश विद्युत प्रभाव

"जब किसी धातु के तल पर एक निश्चित आवृत्ति से अधिक आवृत्ति की प्रकाश किरणों को डाला जाता है तो, धातु की उस सतह से इलेक्ट्रॉनों का उत्सर्जन होने लगता है, इस घटना को  प्रकाश विद्युत उत्सर्जन अथवा प्रकाश विद्युत प्रभाव कहते हैं।"
इस प्रभाव में, किसी धातु की सतह पर प्रकाश के गिरने पर, कुछ स्थितियों में इलेक्ट्रॉन उत्सर्जित होते हैं। प्रयोगों द्वारा यह सिद्ध हो चुका है कि इन उत्सर्जित इलेक्ट्रॉनों की गतिज ऊर्जा आपतित प्रकाश की तीव्रता पर निर्भर नहीं करती है।

प्लांक की परिकल्पना (E=hνके आधार पर आइंस्टीन के प्रस्ताव के अनुसार विकिरण का उत्सर्जन (ऊर्जा के एक निश्चित मान जिसे ऊर्जा का परमाणु  या  क्वाण्टा  कहते हैं ) के पूर्णांक गुणांक में होता है।

यदि विकिरण की आवृत्ति ν हो तो, ऊर्जा के इस क्वाण्टा का मान ν के अनुक्रमानुपाति∝ ) होता है। इस प्रकार कोई स्रोत एक, दो, तीन,....(पूर्णांक) आदि क्वाण्टा ही उत्सर्जित करता है, इनके किसी भिन्न में नहीं।
वैद्युत चुम्बकीय तरंगों की ऊर्जा के इस क्वाण्टा को ही फोटॉन कहते हैं जो कि इसका प्रचलित नाम है।

E∝ν
E=hν 
जहां h प्लांक नियतांक है
E=hcλ

यहां v को न्यू बोला जाता है जो कि ग्रीक भाषा का एक अक्षर है

इस दौरान निकलने वाले इलेक्ट्रॉनों को  फोटो इलेक्ट्रॉन अथवा प्रकाश इलेक्ट्रॉन कहते हैं, 

था इलेक्ट्रॉन के कारण उत्पन्न धारा को प्रकाश विद्युत धारा कहते हैं। 

इस घटना के लिए लघु तरंगदैर्घ्य (अर्थात उच्च आवृत्ति) का प्रकाश दीर्घ तरंग दैर्घ्य (अर्थात निम्न आवृत्ति) के प्रकाश के अपेक्षा अधिक प्रभावी होता है।

इलेक्ट्रॉन

इलेक्ट्रॉन एक मौलिक कण है, जो परमाणु का एक हिस्सा होता है। इस पर नकारात्मक (-ve) विद्युत आवेश होता है। यह परमाणु के  नाभिक के चारों ओर विभिन्न कक्षाओं में चक्कर लगाता है। ये कण रासायनिक बंधों के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।


इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान कितना होता है?

इसका द्रव्यमान बहुत कम होता है, प्रोटॉन और न्यूट्रॉन की तुलना में लगभग 1/1836 गुना।

इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान m=9.109×10-31 होता है, इलेक्ट्रॉन के द्रव्यमान को विराम द्रव्यमान कहा जाता है।

विद्युत धारा

इलेक्ट्रॉनों का प्रवाह ही विद्युत धारा कहलाता है। 

आसान शब्दों में:-

इलेक्ट्रॉन वह छोटा कण है जिस पर ऋण आवेश होता है और जो परमाणु के केंद्र के चारों ओर घूमता रहता है।


फोटॉन

फोटॉन एक मूलभूत कण है जो "प्रकाश" और सभी प्रकार के विद्युत चुम्बकीय विकिरण की ऊर्जा की सबसे छोटी इकाई होती है। इसे अक्सर प्रकाश का पैकेट या ऊर्जा का बंडल भी कहा जाता है।

अल्बर्ट आइंस्टीन और मैक्स प्लांक के सिद्धांतों के अनुसार, ऊर्जा का उत्सर्जन और अवशोषण निरंतर नहीं होता, बल्कि छोटे-छोटे बंडलों के रूप में होता है। इन्हीं बंडलों को फोटॉन कहते हैं।

फोटॉन का द्रव्यमान कितना होता है ?

फोटॉन का विराम द्रव्यमान शून्य होता है। इसका कोई द्रव्यमान नहीं होता जब यह स्थिर होता है, हालांकि गति में होने पर इसमें संवेग होता है।

फोटॉन की गति कितनी होती है ?

फोटॉन हमेशा प्रकाश की गति से चलता है, जो निर्वात (vacuum) में  3×10⁸  मीटर/प्रति सेकेंड होती है। 
यानि कि 3 लाख किलोमीटर/प्रति सैकेंड। 


फोटॉन पर कितना आवेश होता है ?

 फोटॉन पर कोई विद्युत आवेश नहीं होता है। यह उदासीन होता है।

फोटॉन का कार्य क्या है ?

यह वह कण है जो विद्युत चुम्बकीय बल का वहन करता है।

आसान शब्दों में:-

जब आप किसी बल्ब से रोशनी निकलते देखते हैं, तो वह रोशनी वास्तव में छोटे-छोटे, अत्यधिक तेज़ गति वाले ऊर्जा के कणों (फोटॉन) की एक धारा होती है।

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