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उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) ने हाईस्कूल (class 10th) और इंटरमीडिएट (class 12th) परीक्षा प्रणाली में एक बड़ा और अहम परिवर्तन करते हुए उत्तर पुस्तिकाओं के स्वरूप में बदलाव किया है। वर्ष 2026 की बोर्ड परीक्षाओ से छात्रों को अब दो कवर पेज वाली उत्तर पुस्तिकाएं दी जाएँगी। यह व्यवस्था पहली बार लागू की जा रही है, जिससे मूल्यांकन (अंक देने की) प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, व्यवस्थित और त्रुटिरहित बनाए जाने का दावा किया गया है।
यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने इस बदलाव की जानकारी देते हुए बताया कि अब तक उत्तर पुस्तिकाओं मे केवल एक ही कवर पेज होता था, जिस पर परीक्षार्थी अपना नाम, अनुक्रमांक आदि लिखते थे। उसी पेज पर परिक्षक मूल्यांकन के दौरान अंक लिख दिया करते थे, जिससे कई बार गोपनीयता और अंकन में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो जाती थी।
अब कैसे होगी नई व्यवस्था
प्रणाली के तहत उत्तर पुस्तिकाओं में दो अलग-अलग कवर पेज होंगे। पहला कवर पेज परीक्षार्थियों के लिए रहेगा, जिस पर छात्र-छात्राएं अपना विवरण भरेंगे। इसके ठीक बाद दूसरा कवर पेज पूरी तरह परीक्षक के लिए आरक्षित रहेगा, जिस पर वे हर प्रश्न के अनुसार अंकन की जानकारी दर्ज करेंगे। इस दूसरे कवर पेज पर यह स्पष्ट रूप से लिखा जाएगा कि किस प्रश्न को कितने अंक मिले साथ-ही-साथ पेज पर उत्तर लिखा गया है। इससे मूल्यांकन के समय पारदर्शिता बनी रहेगी और उत्तर पुस्तिका की जांच अधिक व्यवस्थित रूप हो सकेगी।
कॉपी के साइज में भी बदलाव
इस बार सिर्फ कवर पेज ही नहीं, बल्कि उत्तर पुस्तिकाओं के साइज में भी बदलाव किया गया है। अब तक जो उत्तर पुस्तिकाएं सामान्य क्षैतिज (Horizontal) आकार में होती थीं, उन्हें इस बार वर्टिकल (Vertical) आकार में तैयार किया जाएगा। बोर्ड का कहना है कि वर्टिकल साइज से लिखने और मूल्यांकन, दोनों में अधिक सुविधा होगी। परीक्षार्थियों को उत्तर लिखने के लिए ज्यादा व्यवस्थित स्पेस मिलेगा, वहीं परीक्षक को जांच के दौरान उत्तर पढ़ने में भी आसानी होगी।
क्यों बदला जा रहा है कॉपियों का
ले-आउट ?
अब तक यूपी बोर्ड की कॉपियां चौड़ाई में बनी होती थीं। यह फॉर्मेट लगभग 106 वर्षों से अधिक समय से चला आ रहा था, लेकिन इस बार बोर्ड ने इसे पूरी तरह पलट दिया है। 2026 में परीक्षार्थियों को लंबाई वाली कॉपियां मिलने वाली हैं। इससे लिखते समय छात्रों को अधिक जगह मिलेगी और पेज के मुताबिक उनकी राइटिंग भी साफ और व्यवस्थित दिखेगी।
बोर्ड के सचिव भगवती सिंह का कहना है कि लेआउट बदलने से सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि कॉपियों की अदला-बदली अब लगभग असंभव हो जाएगी। नकल माफिया के लिए यह बड़ा झटका है, क्योंकि नए लेआउट के साथ कॉपी की पहचान बदल जाएगी और किसी भी तरह की गड़बड़ी पकड़ी जाएगी।
कॉपियों में खास कलर कोडिंग
①12वीं की A कॉपी :-
24 पेज की, जिसमें पहले पेज पर मेजेंटा कलर से जानकारी प्रिंट होगी।
②12वीं की B कॉपी :-
12 पेज की, जिसमें पहले पेज पर गहरे हरे रंग में जानकारी प्रिंट होगी।
③10वीं की A कॉपी :-
18 पन्ने, जिसमें पहले पेज पर ब्राउन कलर में जानकारी प्रिंट होगी।
④10वीं की B कॉपी :-
12 पन्ने, जिसमें पहले पेज पर हल्के हरे रंग में जानकारी प्रिंट होगी।
18 फरवरी से शुरू होंगी परीक्षाएं
यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं इस वर्ष 18 फरवरी से शुरू होकर 12 मार्च तक चलेंगी। इस बार परीक्षाओं को समयबद्ध और अनुशासित तरीके से संपन कराने के लिए बोर्ड ने कई स्तरों पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। बोर्ड के अनुसार इस वर्ष कुल 52 लाख 30 हजार 297 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं।
पंजीकृत छात्रों की संख्या
अबकी बार हाईस्कूल और इंटरमीडिएट में पंजीकृत छात्रों की संख्या इस प्रकार है :
हाईस्कूल (10वीं) : 27,50,495 विद्यार्थी
इंटरमीडिएट (12वीं) : 24,79,352 विद्यार्थी
छात्रों के लिए क्या बदलेगा
इस नई व्यवस्था का सीधा फायदा छात्रों को मिलने की संभावना है। अब उनके नाम और अनुक्रमांक की जानकारी मूल्यांकन के समय सीधे अंकों के साथ नहीं रहेगी, जिससे गोपनीयता बनी रहेगी। वहीं, अगर भविष्य में कोई अंक से संबंधित आपत्ति होती है, तो दूसरे कवर पेज के माध्यम से यह स्पष्ट किया जा सकेगा कि किस प्रश्न को कितने अंक दिए गए थे। इससे छात्रों और अभिभावकों का परीक्षा प्रणाली पर भरोसा और मजबूत होगा।
"मूल्यांकन और ज्यादा पारदर्शी होगा"
यूपी बोर्ड का मानना है कि दो कवर पेज की व्यवस्था से मूल्यांकन में होने वाली गलतियों पर भी अंकुश लगेगा। पहले कई बार एक ही पेज पर विवरण और अंकन होने से परीक्षक भ्रमित हो जाते थे, लेकिन अब हर चीज अलग-अलग और स्पष्ट रूप से दर्ज होगी। इसके साथ ही उत्तर पुस्तिकाओं की वर्टिकल डिजाइन भी मूल्यांकन प्रक्रिया को आसान बनाने में मदद करेगी।
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