सरल आवर्त गति के बारे में उदाहरण सहित सम्पूर्ण जानकारी
सरल आवर्त गति
आवर्त गति
दोलन गति
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सरल आवर्त गति क्या है?
- रैखिक सरल आवर्त गति { Linear Simple Harmonic Motion}
- कोणीय सरल आवर्त गति { Angular Simple Harmonic Motion}
सरल आवर्त गति किसे कहते हैं?
सरल आवर्त गति में, कण किसी निश्चित बिंदु के इधर-उधर एक सरल रेखा में, इस प्रकार दोलन गति करता है कि कण के त्वरण की दिशा सदैव सरल रेखा के उस निश्चित बिंदु की ओर होती है तथा त्वरण का परिमाण उस निश्चित बिंदु से कण के विस्थापन के अनुक्रमानुपाती होता है।
सरल आवर्त गति की परिभाषा
सरल रेखा में किसी निश्चित बिंदु के इधर-उधर गति करते कण की गति सरल आवर्त गति होती है यदि कण पर लगने वाले बल की दिशा सदैव उस निश्चित बिंदु की ओर हो तथा बल का परिमाण उस निश्चित बिंदु से कण के विस्थापन के अनुक्रमानुपाती हो।
जब कोई कण अपनी साम्य स्थिति के इधर उधर एक सरल रेखा में इस प्रकार गति करता है कि उस पर कार्य करने वाला प्रत्यानयन बल (अथवा त्वरण), प्रत्येक स्थिति में इसकी साम्यावस्था से नापे गए विस्थापन के अनुक्रमानुपाती हो तथा उसकी दिशा सदैव साम्य स्थिति की ओर हो तो कण की गति सरल आवर्त गति {S.H.M.} कहलाती है।
सरल आवर्त गति के उदाहरण
सरल आवर्त गति का सूत्र
सरल आवर्त गति का विस्थापन समीकरण
- प्रत्यनयन बल- वह बल जो कण को वापस साम्य स्थिति में लाता है प्रत्यनयन बल (Restoring force) कहलाता है।
- साम्य स्थिति- सामान्य स्थिति अथवा वह स्थिति जिसमे पिंड किसी अतिरिक्त बल के प्रभाव में नहीं होता
- निश्चित बिन्दु- दोलन केंद्र अथवा साम्य स्थिति अथवा साम्यावस्था




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