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केल्विन क्या है, किसका मात्रक है, इसकी परिभाषा एवं संकेत [Kelvin]

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केल्विन की परिभाषा और संकेत केल्विन क्या है? केल्विन मूल मात्रक होता है।  यह ताप का S.I. मात्रक होता है, अर्थात किसी भी वस्तु का तापक्रम एस आई पद्धति में प्रदर्शित करने के लिए केल्विन शब्द का उपयोग किया जाता है। केल्विन का प्रतीक 'K' होता है। केल्विन किसका मात्रक     है? यह S.I. पद्धति में ताप का मात्रक होता है। केल्विन की मानक परिभाषा- कहीं-कहीं साक्षात्कार(इंटरव्यू) में केल्विन की मानक परिभाषा पूछ ली जाती है जिसमें सफल होने के लिए आपको मानक परिभाषा का पता होना आवश्यक है। केल्विन की मानक परिभाषा-    "एक केल्विन   जल के त्रिक बिंदु के  उष्मागतिक ताप का  1/273.16 वां भाग   होता है।"     अथवा "एक वायुमंडलीय दाब पर  उबलते जल के ताप  तथा  गलती बर्फ के ताप  के अंतर का 100 वां भाग  एक केल्विन के बराबर होता है।" नोट- जल का त्रिक बिंदु 273.16 केल्विन है।

जानिए क्या होती हैं व्युत्पन्न राशियाँ [Derived Quantities]

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व्युत्पन्न राशियां in hindi व्युत्पन्न राशियां क्या होती हैं? व्युत्पन्न राशियों की परिभाषा  - "वह भौतिक राशियां जो मूल राशियों की सहायता से व्यक्त की जाती हैं व्युत्पन्न राशियां कहलाती हैं।" "उन भौतिक राशियों को व्युत्पन्न राशि कहा जाता है जिन्हें मूल राशियों की सहायता से व्यक्त किया जाता है।" "मूल तथा पूरक राशियों के अलावा सभी भौतिक राशियों  को व्युत्पन्न राशि कहा जाता है।" व्युत्पन्न राशियों के उदाहरण क्षेत्रफल बल घनत्व वेग चाल  इत्यादि।

जानिए क्या होते हैं व्युत्पन्न मात्रक [Derived Units]

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व्युत्पन्न मात्रक की परिभाषा एवम् उदाहरण व्युत्पन्न मात्रक क्या होते हैं ? व्युत्पन्न मात्रक की परिभाषा   "व्युत्पन्न मात्रक वे मात्रक होते हैं जो किसी व्युत्पन्न राशि को व्यक्त करने के लिए प्रयोग किए जाते हैं।" "वे मात्रक जिनको मूल मात्रकों की सहायता से प्राप्त किया जाता है व्युत्पन्न मात्रक कहलाते हैं।" व्युत्पन्न मात्रकों को मूल मात्रकों के पदों में व्यक्त किया जाता है। व्यु त्पन्न मात्रक के उदाहरण क्षेत्रफल का मात्रक मीटर² घनत्व का मात्रक किलोग्राम/मीटर³ वेग का मात्रक मीटर/सेकंड बल का मात्रक किलोग्राम-मीटर/सेकेंड² ऊष्मा का मात्रक जूल = न्यूटन-मीटर जूल = Kg-m²/s² कार्य का मात्रक वाट  = ज़ूल/सेकेंड वाट = न्यूटन-मीटर/ सेकेंड वाट = Kg-m²/s³ बल का मात्रक न्यूटन  = किग्रा-मीटर/सेकेंड² न्यूटन  = Kg-m/s² दाब का मात्रक    पास्कल = न्यूटन/मीटर² पास्कल  = किग्रा-मीटर/सेकेंड²मीटर² पास्कल   = kg/m-s² Note- मीटर  , किलोग्राम , सेकेण्ड , मोल , एम्पियर ,  केंडेला , केल्विन मूल मात्रक होते हैं।

चर, अचर तथा नियातांक [Variable and Constant]

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विमीय नियतांक चर, अचर तथा नियतांक विमीय चर विमीय चर वे भौतिक राशियां हैं जिनकी विमाएं होती हैं तथा परिमाण नियत नहीं होता है। विमीय चर के उदाहरण क्षेत्रफल आयतन त्वरण बल आदि। विमाहीन चर विमाहीन चर वे भौतिक राशियां हैं जिनकी विमाएँ नहीं होती तथा परिमाण भी नियत नहीं होता है। विमाहीन चर के उदाहरण कोण, विकृति, आपेक्षिक घनत्व, लेंस की क्षमता, त्रिकोणमिति फलन,  लघुगणक फलन, चरघातांकीय फलन आदि। विमीय नियतांक विमीय नियतांक वे भौतिक राशियां हैं जिनकी विमाएं होती हैं तथा मान नियत रहता है। विमीय नियतांक के उदाहरण गुरुत्वाकर्षण नियतांक G गैस नियतांक R प्लांक नियतांक h आदि। विमाहीन नियतांक वे नियत राशियां हैं  जिनकी विमा नहीं होती है। विमाहीन नियतांक के उदाहरण  शुद्ध अंक 1, 2, 3, 4, 5,...., π,e आदि।

विमा, विमीय सूत्र, विमीय समीकरण की सम्पूर्ण जानकारी

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विमा, विमीय सूत्र एवम् विमीय समीकरण विमा, विमीय सूत्र तथा विमीय समीकरण हम  जानते  हैं  कि  द्रव्यमान,  लंबाई,  समय, ताप,  विद्युत धारा,  ज्योति तीव्रता,  तथा पदार्थ की  मात्रा  की  मूल  राशियों  को क्रमश:  [M],  [L],  [T],  [K],  [A],  [cd], तथा  [mol]   से  प्रदर्शित  करते  हैं, तथा   किसी व्युत्पन्न राशि को मूल राशियों के पदों में व्यक्त करने के लिए मूल राशियों पर कुछ घातें लगाकर उनके गुणनफल के रूप में लिखते हैं।  जैसे  क्षेत्रफल =  लंबाई × चौड़ाई                =  [L]×[L]                 =  [L²] इसे L two पड़ते हैं ना कि L square आयतन = लंबाई × चौड़ाई × ऊंचाई              =  [L]×[L]×[L]              =  [L³] इसे L three पढ़ते हैं ना कि L cu...

एम्पियर क्या है, इसकी परिभाषा, मानक परिभाषा, प्रतीक एवम् सूत्र

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एम्पियर की परिभाषा एम्पीयर   एम्पियर विद्युत धारा का मात्रक होता है। एम्पियर की परिभाषा   "1 एम्पियर  उस विद्युत धारा के बराबर होती है जो किसी चालक के परिच्छेद में  प्रति सेकेंड 1 कूलॉम आवेश  प्रवाहित करने पर उत्पन्न होती है" चूंकि हम जानते हैं कि  1 कूलॉम आवेश में  इलेक्ट्रॉनों की संख्या 6.25 × 10 ¹⁸  होती है। अतः इस आधार पर एंपियर की परिभाषा कुछ इस प्रकार होगी -   "1 एंपियर धारा  उस विद्युत धारा के बराबर होती है जो किसी चालक के परिच्छेद से 6.25 × 10 ¹⁸   इलेक्ट्रॉन प्रति सेकेंड गुजरने पर उत्पन्न होती है" इसके अलावा परीक्षा में एंपियर की मानक परिभाषा भी पूछ ली जाती है जिसको याद रखना और समझना अति आवश्यक है एंपियर की मानक परिभाषा एंपियर की मानक परिभाषा विद्युत चुंबकीय बल के आधार पर निम्नवत दी जाती है-   "1 एंपियर  वह विद्युत धारा होती है जिसे निर्वात में परस्पर 1 मीटर की दूरी पर स्थित दो समांतर चालकों में प्रवाहित करने पर चालकों की प्रति मीटर लंबाई पर 2 × 10 ⎻⁷ न्यूटन का प्रतिकर्ष...